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वैचारिक लेख

मूलभूत सुविधाओं के साथ ही शिक्षा एवं रोजगार के अवसर न होने से खाली हो रहे हैं गांव

( आखरीआंख ) राज्य गठन के बाद से अब तक की तस्वीर को ही देखें तो लगभग हर चुनाव में पलायन एक बड़ा मुद्दा रहा है, मगर इसके समाधान के कदम क्या उठाए गए वह जगजाहिर हैं। अब सवाल ये है कि पलायन थामने को अब तक क्या किया और इस समस्या से निबटने के लिए…

जापान की राजनीति में एक भारतीय योगी

अरुण नैथानी कोई व्यक्ति भारत से स्कॉलरशिप लेकर जापान पढऩे जाये। फिर भारत से लौटने के बाद जापान में समानजनक नौकरी हासिल कर ले। इसके बाद जापानी समाज में इतनी पैठ बना ले कि चुनाव जीतने में कामयाब हो जाये तो निश्चित ही उसकी मेहनत और सामाजिक…

विकास करते 2 न बिगड़ जाये वातावरण

अर्जुन राणा ग्लोबल वार्मिंग से हो रहा जलवायु परिवर्तन दुनिया के सामाजिक-आर्थिक विकास पर गहरा असर डाल रहा है। बीती आधी सदी में इसके कारण धनी देश और भी धनी तथा गरीब देश और गरीब होते गए हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था को इसके…

राहत की योजनाओं से भारत मे मिट सकती है गरीबी, 72 हजार की योजना हर परिवार पर हो लागू

इस  समय में दोनों प्रमुख पार्टियों भाजपा तथा कांग्रेस के बीच मतदाता को लुभाने की घोषणायें की जा रही हैं। पहले भाजपा के वित्तमंत्री ने अन्तरिम बजट में ऐलान किया कि हर छोटे किसान के खाते में 6,000 रुपये की रकम प्रति वर्ष सीधे डाल दी जाएगी।…

राफेल : पारदर्शी बने खरीद फरोख्त प्रणाली

आम चुनावों के समर में जब भाजपा राफेल मुद्दे पर राहत महसूस कर रही थी, तभी सुप्रीमकोर्ट ने मुद्दे पर पुनर्विचार याचिकाएं स्वीकार कर सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कोर्ट ने सरकार की उस दलील को खारिज किया कि चुराये गये दस्तावेजों के आधार पर पेश…

देश की सबसे बड़ी बीमारी बेरोजगारी, जिसकी हो चौकीदारी

अर्जुन राणा यह वाकई चिंता का विषय है कि नोटबंदी के बाद बीते दो वर्षों में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले 50 लाख लोगों ने अपना रोजगार खो दिया है। यह जानकारी बेंगलुरु स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ सस्टेनेबल एंप्लॉयमेंट…

जीएसटी के नकारात्मक प्रभाव झेलता आम आदमी

जीएसटी लागू करने के लिए भाजपा और कांग्रेस पार्टियां एकमत रही हैं। इस व्यवस्था को कैसे लागू किया जाये, इस पर विवाद है। जीएसटी का आम आदमी के ऊपर दो प्रकार से प्रभाव पड़ता है। जीएसटी का सीधा प्रभाव यह होता है कि तमाम टैक्स की दरों को…

फिर वादों के सहारे देश की जनता, नोटबन्दी व रोजगार पर भाजपा खमोश!!

अर्जुन राणा केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 'नये भारत का निर्माणÓ के संकल्प के साथ शक्तिशाली, समृद्ध और खुशहाल भारत का सपना दिखाया है। देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के अवसर पर 2022 तक भाजपा का संकल्प है कि प्रत्येक…

भारतीय राजनीति के भाजपा युग में भी न हो पाए क्रांतिकारी बदलाव

अर्जुन राणा भारतीय राजनीति ने कई पार्टियों का राज देखा है और कई तरह के उतार चढ़ाव भी देखे हैं। आजादी के बाद पहले तीन दशक तक कांग्रेस युग देखा है तो उसके बाद कांग्रेस का पराभव, समाजवादी युग, गठबंधन का दौर और भाजपा युग का आगाज देखा है। भारतीय…

विकास का एकमात्र मंत्र रखे जनसंख्या नियंत्रण

 (  अर्जुन राणा ) भारत विश्व में सबसे पहला देश था जिसने 1952 में परिवार नियोजन कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया था। इसका परिणाम यह हुआ कि पिछले कुछ दशकों में देश की जनसंख्या वृद्धि दर में संतोषजनक गिरावट आई है। 1991 से 2000 में…
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