April 20, 2021

15 मार्च तक शत प्रतिशत धनराशि व्यय करे सभी विभाग, नही तो मिलेगी प्रतिकूल प्रविष्टि : कुमाऊँ कमिश्नर

बागेश्रर ।  बागेश्वर जनपद के भ्रमण पर पंहुचे कुमाऊँ आयुक्त अरविन्द सिंह ह्यांकी ने बुधवार 24 फरवरी को जिला कार्यालय सभागार में जनपद में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिला, राज्य ,केन्द्रीय, एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त धनराशि के सापेक्ष वर्तमान वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की विभागवार समीक्षा की गर्इ। समीक्षा के दौरान आयुक्त कुमाऊं ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पंहुचे इस हेतु अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी से कार्य करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन विभागों द्वारा वर्तमान तक कम धनराशि व्यय की गर्इ है वह आगामी 15 मार्च 2021 से पूर्व शत प्रतिशत धनराशि व्यय करना सुनिश्चित करें ताकि उसके उपरांत कोषागार में बिल प्रेषित करने में किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाय। उन्होने सभी अधिकारियों को निर्देश दियें कि विभिन्न विभागो द्वारा जो भी रोजगारपरक योजनायें संचालित की जा रही हैं उन योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियो को उपलब्ध कराने के लिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय व पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय। समीक्षा के दौरान आयुक्त ने सभी विभागों को विशेष तौर से कार्यदार्इ सस्थाओं को निर्देश दिए कि वह आगामी वित्तीय वर्ष हेतु कुछ भी धनराशि अवशेष न रखें। 1-4 को अवशेष की परिपाटी को खत्म किया जाय सभी विभाग गुड गवनेर्ंस के तहत कार्य करें’। उन्होंने कम धनराशि व्यय करने वाले विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह 10 मार्च तक शत प्रतिशत धनराशि व्यय करें। आयुक्त ने कहा कि कोर्इ भी विभाग धनराशि को अवशेष न रखें। धनराशि अवशेष रहने पर संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को प्रतिकूल प्रवष्टि दी जाएगी। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझकर समय पर निर्माण कायोर्ं को पूर्ण करें। निर्माण कायोर्ं में गुणवत्ता व पूर्ण संतुष्टि पर ही उसका भुगतान किया जाय कुमाऊं आयुक्त ने कहा कि जो कार्यदायी संस्था समय पर कार्य पूर्ण कर धनराशि व्यय नहीं कर पाती हैं उन्हें नए कार्य न दिए जाय, उन्हीं कार्यदार्इ सस्थाओं को ही धनराशि आवंटित की जाय तो समय पर कार्य पूर्ण करें। राज्य योजना में उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने कहा कि औद्यानिकी विकास हेतु जिले में विभिन्न प्रजाति के फल पौधों की नर्सरी विकसित की जाय, ताकि अन्य जिलों व प्रदेशों पर निर्भर न रहना पड़े। आयुक्त ने कहा कि कृषि एवं औद्यानिक क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर हैं, अधिकारी इस क्षेत्र में व्यक्तिगत रूचि दिखाते हुए कुछ उल्लेखनीय कार्य करें, ताकि यहां के लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सके। राज्य योजनांतर्गत विधायक निधि अंतर्गत वर्षवार कार्यो की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि विधायक निधि में वित्तीय वर्ष 1-4 की अवशेष धनराशि को जनपद द्वारा शत-प्रतिशत व्यय किये जाने पर प्रशंसा व्यक्त की। छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने विगत लंबे समय से धनराशि लाभार्थियों के खाते में जमा न किए जाने पर आयुक्त ने अॉन लार्इन पोर्टल बंद होने के कारण उक्त समस्या होने पर तत्काल शासन को पत्राचार के निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी को तत्काल सभी लाभार्थियों के खाते में धनराशि जमा करने के निर्देश देते हुए कहा कि तभी योजना का महत्व साकार होगा। उन्होंने ‘सड़क निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान सभी खण्डों से आए अधिशासी अभियंताओं को समय पर सभी सड़कों का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि सरकार जनता को समुचित व्यवस्था एवं आवश्यक सुविधाओं को मुहैय्या कराए जाने हेतु पर्याप्त धनराशि आवंटित कर रही है, संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि उक्त धनराशि का पूर्ण सदुपयोग हो, जिससे कि जनता को सुविधाएं मुहैया हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डी0डी0पंत ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिला योजनांतर्गत जनपद को कुल 39 करोड़ 69 लाख रुपये अनुमोदित धनराशि में से शतप्रतिशत धनराशि शासन से प्राप्त हो गर्इ है जिसमें से वर्तमान तक विभिन्न विभागों द्वारा कुल 33 करोड़ 72 लाख 51 हजार कुल 84.97 प्रतिशत की धनराशि व्यय कर ली गर्इ है । राज्य योजनांतर्गत शासन से प्राप्त 10523.50 लाख में से विभागों द्वारा वर्तमान तक 8913.64 लाख कुल 84.70 प्रतिशत धनराशि व्यय कर ली गर्इ है। केन्द्र योजनांतर्गत अवमुक्त 14335.14 लाख में से 13556.16 लाख कुल 94.97 प्रतिशत धनराशि व्यय कर ली गर्इ है। इसी प्रकार बाह्य सहायतित योजना में में प्राप्त 2845.59 लाख में से शत प्रतिशत 2497.88 लाख की धनराशि व्यय कर ली गर्इ है, कुल 87.78 प्रतिशत धनराशि व्यय कर ली गयी है। मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि चारों योजनाओं में ‘वर्तमान तक विभागों द्वारा कुल 89.48 प्रतिशत धनराशि व्यय कर ली गर्इ है। स्वरोजगार योजना की समीक्षा के दौरान जीएम डीआर्इसी ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत 530 आवेदनों को बैंकों को प्रेषित कियें गये है, जिसमें 221 आवेदन पत्रों को बैंकों द्वारा स्वीकृत किया गया है तथा 161 लाभार्थियो को ऋण वितरित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विभिन्न बैंकों के साथ समन्यव स्थापित करते हुए समय पर लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान करें। आयुक्त ने संबंधित विभागों को रोजगार सृजन के कार्यो को बढ़ावा देने हेतु योजनाएँ प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। समीक्ष के दौरान आयुक्त कुमाऊ मंडल ने कहा कि जनपद में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित रोजगारपरक योजनाओं का जिलाधिकारी विनीत कुमार के मार्गदर्शन में सफल क्रियान्वयन किया जा रहा हैं जिसके लिए उन्होने सभी को बधार्इ देते हुए कहा कि आगे भी इसी लगन एवं जिम्मेदारी के साथ धरातल पर कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में जिलाधिकारी विनीत कुमार ने मंडलायुक्त का जनपद आगमन पर स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया तथा आश्वस्त किया कि बैठक के दौरान जो भी दिशा निर्देश दियें गयें हैं उनका शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए सभी संचालित योजनाओं में सभी विभागीय अधिकारियों से प्राथमिकता से कार्य संपादित कराते हुए विभिन्न योजनाओं में जारी धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित कराया जायेगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी हेमन्त कुमार वर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी बी0एस0शाही, उप निदेशक कुमाऊं अर्थ एवं संख्या राजेन्द्र तिवारी, जिला विकास अधिकारी के0एन0तिवारी, पीडी डीआरडीए शिल्पी पंत, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 बीडी जोशी, उपजिलाधिकारी बागेश्वर योगेन्द्र सिंह, काण्डा राकेश चन्द्र तिवारी, गरूड जयवर्द्धन श्र्मा, कपकोट प्रमोद कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी देवेन्द्र नाथ गोस्वामी, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, जिला उद्यान अधिकारी आर0के0सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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