January 20, 2021

उत्तराखंड जलसंस्थान कर्मचारी संयुक्त मोर्चा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुखर

बागेश्वर। उत्तराखंड जलसंस्थान कर्मचारी संयुक्त मोर्चा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुखर हो गया है। मोर्चा से जुड़ लोगों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो वह उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
मंगलवार को मोर्चा जलसंस्थान कार्यालय परिसर पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। कर्मचारियों में प्रत्येक माह समय पर वेतन का भुगतान नहीं होने पर आक्रोश है। उन्होंने कहा कि वेतन खाता एवं राजस्व संग्रह खाता सभी इकाईयों का एक नहीं हो सका है। जिससे वेतन संबंधित धनराशि का स्थानांतरण करने में दिक्कत है और वेतन का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारी किशन सिंह मेहता, जोगा राम, सुनील दत्त पांडे, शेखरानंद जोशी, भुवन चंद्र पांडे, धन गिरी को माह दिसंबर 2010 से अक्तूबर 2020 तक अवकाश नकदीकरण की धनराशि का भुगतान नहीं हो सका है। सातवें वेतनमान के 50 प्रतिशत एरियर अवधि एक जनवरी 2016 से दिसंबर 2016 का भुगतान भी अधर में लटका हुआ है। ठेकदारी प्रथा को समाप्त कर विभागीय संविदा करने की मांग की। उन्होंने संविदा कर्मचारियों को प्रत्येक माह दस तारीख तक वेतन का भुगतान नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। दिसंबर 2019 से वर्तमान तक सीपीएफ एवं पेंशन अंशदान की धनराशि मुयालय को प्रेषित नहीं हो सकी है। जिसके कारण सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण में विलंब हो रहा है। भविष्य निधि की धनराशि उनके खातों में नहीं डाली जा रही है। उन्होंने इसके अलावा कर्मचारियों ने जल कल कार्यालय और गोपेश्वर पंपगृह में शौचालय की व्यवस्था करने, बौड़ी-धूराफाट पंपिंग योजना के लिए नदीगांव पंपगृह में ड्यूटी रूम बनाने, सेंटेज आहरण की अनुमति अधिशासी अभियंता को प्रदान करने, ऑनलाइन राजस्व वसूली को शाखा को निर्गत करने, ग्रीष्मकालीन वर्दी प्रदान करने और नियमित और संविदा कर्मियों को टी एंड पी प्रदान करने की मांग की। इस मौके पर संयोजक कुशल सिंह रावत, नवीन चंद्र पांडे, शेखर चंद्र जोशी, रमेश चंद्र, देवेंद्र विक्रम सिंह, याली दत्त पांडे, चंचल सिंह, रोहित राम, प्रताप सिंह, जोगा राम, नईम अहमद, हेमंत कुमार आदि मौजूद थे।

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