January 20, 2021

उत्तरायणी में सांस्कृतिक मंच नहीं लगने पर कलाकार संघ आक्रोशित

बागेश्वर। उत्तरायणी मेले में सांस्कृतिक मंच नहीं लगने पर कलाकार संघ आक्रोशित है। सोमवार को कलाकारों ने बस स्टेशन स्थित गांधी मूर्ति के समीप धरना दिया और नगर में जुलूस निकाला। कहा कि उत्तरायणी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन पहली बार बंद किया जा रहा है। ऐसे में कलाकारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
कलाकार संघ ने कहा कि उत्तरायणी मेले का वह वर्षभर इंतजार करते हैं और अधिकांश कलाकारों की आजीविका भी मेले पर निर्भर है। कहा कि उत्तरायणी मेला बागेश्वर की पहचान है। लगभग 50 साल से आयोजित हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन पहली बार रोका जा रहा है। जबकि कुली बेगार आंदोलन के 100 साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने कहा अन्य स्थानों पर उत्तरायणी पर्व आयोजित किया जा रहा है लेकिन जहां से मेले को पहचान मिली है, वहीं के कलाकों को निराश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उत्तरायणी पर्व पर सांस्कृतिक मंच नहीं लगाने का फैसला लिया है। कोविड-19 के कारण ऐसा हो रहा है। जबकि हरिद्वार में कुंभ आयोजित हो रहा है, बिहार में चुनावी सभाएं हो सकती हैं और लखनऊ में उत्तरायणी पर्व की तैयारी हो रही है। ऐसे में बागेश्वर की उत्तरायणी में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित क्यों नहीं हो सकते हैं। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष अर्जुन देव, मनोज लोहनी, प्रियंका शर्मा, करन, कमल किशोर, तुसार राना, संजय थापा, अजय चंदोला, पंकज कोहली, मयूर नाथ, उमा रावत, भूपेंद्र सिंह, आरपी कांडपाल, लक्ष्मण भट्ट, आलोक जोशी, कौशल उपाध्याय, आशुतोष आदि मौजूद थे।

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