May 30, 2020

होम क्वारंटाइन: प्रधानों को अब संबंध खराब होने का खतरा

बागेश्वर। प्रवासियों को होम क्वारंटाइन कराना ग्राम प्रधानों पर भारी पडऩे लगा है। प्रधानों का आरोप है कि फेसिलिटी सेंटर में सुविधाएं नहीं हैं। होम क्वारंटाइन लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे उन्हें व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध खराब होने का डर भी सता रहा है। उन्होंने डीएम को ज्ञापन भेजकर बाहरी रायों से आने वालों को जिला या तहसील स्तर पर ही क्वारंटाइन कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष हिमांशु खाती ने एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। उन्होंने बताया कि प्रशासन बाहरी लोगों को होम क्वारंटाइन करा रहा है, लेकिन गांवों में अधिकांश लोगों के मकान छोटे हैं। इनमें केवल एक ही शौचालय होता है। बताया कि कई ग्राम प्रधानों ने विद्यालय और पंचायत घरों में बने फेसिलिटी सेंटरों में लोगों को रखा है, लेकिन उनकी निगरानी करने में परेशानी हो रही है। कई लोग लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग रात के समय फैसिलिटी सेंटरों से घर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि नियम का पालन करवाने के चलते अक्सर प्रधानों से उनकी झड़प तक हो जा रही है। इससे व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध खराब होने तक की नौबत आ रही है। निगरानी समिति का भी पूर्ण सहयोग नहीं मिलने से दिक्कत बढ़ रही है। उन्होंने डीएम से प्रधानों के धर्मसंकट को देखते हुए प्रवासियों को जिला या तहसील स्तर पर महाविद्यालयों, कॉलेजों और विद्यालयों में क्वारंटाइन कराने की मांग की है।

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