बागेश्वर मे 4000 टैक्सिया रही आज हड़ताल पर, परेशान रहे यात्रीका संचालन

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बागेश्वर। केंद्र सरकार से जारी हुए वाहन अधिनियम के विरोध में जिलेभर की टैक्सी यूनियनों ने हड़ताल की। जिसके चलते पूरे जिले की करीब 4000 टैक्सियों के पहिए जाम रहे। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के टैक्सी स्टेंडों पर गाडिय़ां नहीं होने से सन्नाटा पसरा रहा। यात्री सवारी की खोज में सड़कों पर भटकते रहे। कुछ स्थानों पर टैक्सी संचालकों व निजी वाहन मालिकों के मनमाने रेट वसूलने की भी घटनाएं हुई। वाहन अधिनियम के विरोध में उत्तराखंड मोटर महासंघ ने पूरे राय में एक दिन के चक्का जाम का ऐलान किया था। जिसका जिले में व्यापक असर देखने को मिला। नगर के ताकुला, भराड़ी, गरुड़ और कांडा टैक्सी स्टेंड से टैक्सियां नदारद रही। सुबह से ही टैक्सियां जाम रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्यालय जाने वाले शिक्षकों व अन्य सवारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। लोग टैक्सी स्टैंड में सवारियों का इंतजार करते देखे गए। कई लोगों को हड़ताल की जानकारी नहीं होने के कारण अधिक परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि टैक्सी यूनियनों की हड़ताल से बसों में भारी भीड़ देखने को मिली। कांडा स्टेंड में किया प्रदर्शन- बागेश्वर। नगर के टैक्सी चालकों ने एक्ट के विरोध में कांडा टैक्सी स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम लगाकर सरकार ने टैक्सी चालकों के उत्पीडऩ का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मोटरयान अधिनियम 1988 में संसोधन कर 2019 में जुर्माने की राशि अत्यधिक बढ़ा दी है। जिससे वाहन व्यापारी गाड़ी का काम करने में असमर्थ हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गाड़ी में सवारियों की संया निश्चित होती है। कई बार यात्री छोटे बचों का टिकट तक नहीं देते। ऐसे में वाहन मालिक व चालक को पेट पालने के लिए रुपये जुटाना मुश्किल हो रहा है। इस भारी भरकम जुर्माना लगाने से उनके सामने मुश्किल अधिक बढ़ गई है। मौके पर भरत दफौटी, देवेंद्र नगरकोटी, राकेश चंद्र, नरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, प्रकाश थापा, गणेश कनवाल, इंद्र सिंह, सुभाष दफौटी, देवेंद्र नगरकोटी, चंचल सिंह आदि मौजूद रहे।
गरुड़-कपकोट में भी प्रदर्शन- वाहन अधिनियम 2019 के खिलाफ गरुड़ और कपकोट में भी टैक्सी चालक हड़ताल पर रहे। गरुड़ के बैजनाथ तिराहे पर टैक्सी चालकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह अधिनियम गरीब टैक्सी चालकों के हित में नहीं है। उन्होंने सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। यहां प्रदर्शन में टैक्सी यूनियन अध्यक्ष महेश बोरा, कैलाश चंद्र, पुष्पेंद्र सिंह, प्रकाश सिंह, पप्पू अल्मियां, कैलाश सिंह आदि मौजूद रहे। इधर कपकोट में टैक्सी चालकों ने यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष दयाल बड़ती के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम को लागू कर सरकार ने टैक्सी चलकों के पेट पर लात मारने का काम किया है। मौके पर यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष दयाल बड़ती, अध्यक्ष केवलानंद जोशी, दिनेश शाही, लारा कोरंगा, नंदन टटा आदि मौजूद रहे। टैक्सियों की हड़ताल से बागेश्वर, शामा, सौंग, मुनार, हरसीला आदि क्षेत्रों को आने-जाने वाली सवारियों को परेशानी उठानी पड़ी।

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