चमोली में घटगाड़ गदेरे में बहे मां-बेटी

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चमोली। देवाल विकासखंड के फल्दीया गांव में मूसलाधार बारिश के कारण उफान पर आए घटगाड़ गदेरे ने भारी तबाही मचाई। गदेरे के तेज बहाव में मां-बेटी सहित आठ मकान बह गए। मां-बेटी का शव अभी तक नहीं मिला है। जबकि बमणबेरा कैल पदमला गांव में कई गोशालाएं और पालतु जानवर बह गए हैं। क्षेत्र का जन जीवन अस्त वस्त बना है।

ग्राम प्रधान पुष्कर फरस्वार्ण और नरेंद्र राम ने बताया है कि गुरुवार रात 9.30 बजे तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई। देखते ही देखते घटगाड़ गधेरा उफान पर आ गया। यह गदेरा फल्दीया गांव में कहर बनकर आई। आठ मकान बह गए। किसी तरह से लोगों ने भागकर जान बचाई। जबकि पुष्पा देवी 30 वर्ष पत्नी रमेश राम और योति 6 वर्ष पुत्री रमेश राम गदेरे की तेज बहाव में बह गए। रात को ग्रामीणों ने उलंग्रा गांव के एक घर में रात गुजारी। बमणबेरा गांव के रामचंद्र की गोशाला और चार गाय, अनील कुमार, केशावानंद कुनियाल की गोशाला और तीन-तीन गाय, महेशानंद चंदोला की गोशाला और एक गाय, रमेश कुनियाल, मथुरा दत्त की गोशाला, कैल गांव के हंशा दत्त और विनोद मिश्र की गोशाला और दो गाय बह गई जबकि आवासी मकान को खतरा बना है। पदमला गांव के बीचो बीच गदेरा आने से प्रताप सिंह, जय सिंह की गोशाला और मवेशी बह गए है। उमेश कुनियाल, पुरुषोत्तम की आवासीय मकान खतरे में हैं। वहीं गदेरे में बनी 6 पुलिया, 10 घराट, तीन प्रतिक्षालय भी बह गए हैं। इन प्रभावित गांवों में पेयजल, बिजली भी चली गई है। जबकि पैदल रास्ते ध्वस्त होने से ग्रामीणों को भारी पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जिलाधिकारी चमोली स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि आपदा प्रभावितों की रहने खाने की व्यवस्था हाईस्कूल जैनविष्ट में कर दी गई है। प्रभावितों को शीघ्र इसी क्षेत्र में विस्थापित किया जाएगा। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक मुन्नी देवी, पूर्व विधायक जीत राम, एसडीएम थराली केएस नेगी, थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला, चौकी प्रभरी देवाल जगमोहन पटियार, राजेन्द्र गैरोला,राजस्व उपनिरीक्षक नवीन मिश्र, प्रमोद नेगी सहित तमाम लोग थे।

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