Mon. Dec 9th, 2019

गरुड़ के 14 कार्यकर्ताओं पर समन जारी होने से कांग्रेसी भड़के

बागेश्वर। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम करने के मामले में गरुड़ क्षेत्र के 14 कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोर्ट से समन आने पर कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए हैं। नाराज कार्यकताओं ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने मामले की जांच कर रहे अधिकारी की जांच करने और सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। सरकार पर षड्यंत्र के तहत उनके कार्यकर्ताओं पर ही मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा वे इस मामले में जमानत भी नहीं कराएंगे। जब तक गुलदार का क्षेत्र में आतंक रहेगा चक्का जाम जैसे आंदोलन होते रहेंगे। मंगलवार को पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने नेतृत्व कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धमक गए। यहां उन्होंने एसपी प्रीति प्रियदर्शिनी से मुलाकात की। बीसूका के पूर्व उपाध्यक्ष भुवन पाठक ने कहा डेढ़ साल पहले उनके क्षेत्र में गुलदार ने एक मासूम का निवाला बना लिया था। इसके बाद क्षेत्र के लोगों ने गुलदार को नरभक्षी घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलन चलाया। लेकिन प्रदेश की गूंगी, बहरी सरकार ने कोई सुध नहीं ली तो क्षेत्र के लोगों ने मिलकर आंदोलन चलाया। अब डेढ़ साल बाद सरकार की सुनियोजित साजिश के चलते सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ही समन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा जब तक गुलदार से उनके बचे सुरक्षित नहीं होंगे वे आंदोलन करते रहेंगे। उन्होंने सत लहजे में कहा वे मामले में जमानत भी नहीं कराएंगे। पूरे क्षेत्र के लोग जेल जाने को तैयार हैं। पूरे मामले में सरकार ने लोगों को अंधेरे में रखा है। पूर्व विधायक फर्स्वाण ने कहा सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन चलाया गया। अब सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ही जानबूझकर फंसाया जा रहा है। यदि सरकार जन प्रतिनिधियों को इस तरह फंसाने का काम करेगी तो कोई भी जनप्रतिनिधि जन सरोकरों की लड़ाई कैसे लड़ेगा। उन्होंने सरकार से सभी मुकदमे वापस करने तथा मनमानी पर रोक लगाने की मांग की। पूरे मामले के जांच अधिकारी की जांच करने की मांग एसपी से की। यहां उद्योग व्यापार में जिलाध्यक्ष बबलू नेगी, जिला महामंत्री अनिल कार्की, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सोनी, प्रकाश कोहली, गरुड़ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण राम आर्या, रणजीत रावत, जितेंद्र मेहता आदि शामिल थे। इधर, एसपी ने मामला उनके कार्यकाल से पूर्व का बताया। इसके बाद भी जांच अधिकारी के खिलाफ जांच का भरोसा दिया।

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